ऊसराहार थाने में नहीं हुई सुनवाई तो छात्रा ने दे दी जान, वैसा ही मामला भरथना थाने में भी सामने आ रहा है जिसमें पिता द्वारा अपनी लड़की की गुमशुदगी दर्ज करवाई गई उसके बाद जब कुछ दिनों बाद नाबालिग लड़की मिली भी तो उसने अपनी आप बीती पिता को बताई जिसके बाद पिता ने कई बार थाने के चक्कर काटे लेकिन थानाध्यक्ष ने मामले को गंभीरता नहीं
दरअसल भरथना थाना क्षेत्र के एक गांव की लड़की ने बताया जबरन पड़ोस के गांव के लड़के गाड़ी में बैठाकर ले गए रास्ते में उन्होंने पानी की बोतल में कुछ मिलाकर पिलाया उसके बाद भरथना के एक होटल में नाबालिग लड़की को ले गए जहां उसके साथ घिनौना कृत्य किया जिसके बाद उसके दो दोस्त भी अपने अपने साथ ले गए यह आपबीती लड़की ने स्वयं कैमरे के सामने बयां की ।
वहीं पिता ने बताया कि लड़की मुझसे पैसे लेकर बाजार गई थी जब घर नहीं लौटी तो चिंता हुई उसके बाद थाने में गुमसुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई जब कुछ दिन बाद लड़की एक जगह पर मिली जब लड़की ने अपनी आप बीती बताई तो पैरों तले जमीन खिसक गई ।
न्याय के मंदिर की गाथा…
विगत दिन पहले ही ऊसराहार थाने में न्याय न मिलने के चलते एक छात्रा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी आज एक पिता को 3 से 4 दिन हो गए थाना भरथना के चक्कर काटते काटते और चीख चीख कर रो तो कर अपनी बेटी के साथ हुई कृत्य की गाथा बता रहा है लेकिन थानाध्यक्ष साहब उस गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज के बाद कोई रिपोर्ट नहीं कर रहे है आज वही पिता रो रो कर यही कह रहा है कि मौत आ जाए ऐसा दिन न आए कि न्याय भी न मिले”
क्या बलात्कार होना कोई गुनाह नहीं है…….क्या नाबालिग की कोई नहीं सुनता…..क्या थाने में बैठे थानेदार को उन आरोपियों की तरफ से कोई सह है……?
क्या उस होटल मालिक ने आधार के साथ साथ चेहरा मिलाने की कोशिश नहीं की……क्या होटल मालिक भी घिनौने कृत्य में शामिल हैं….?














