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बलरामपुर, 22 मार्च 2026/ गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 एवं 1987 के तहत पूरे जिले को 1 मार्च से 31 जुलाई 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में बिना सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के कोई भी व्यक्ति या संस्था नया नलकूप नहीं खोद सकेगी। यह प्रतिबंध पेयजल सहित अन्य सभी उपयोगों के लिए लागू रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, शासकीय एजेंसियों को इस प्रतिबंध से आंशिक छूट दी गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा नगरीय निकायों को नलकूप खनन के लिए पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उन्हें किए गए कार्यों की जानकारी संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी नलकूप खनन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से विधिवत अनुमति लेना जरूरी होगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकृत अधिकारी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही अनुमति प्रदान करें।
प्रशासन ने साफ किया है कि जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि गर्मी के दौरान आम नागरिकों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
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