यूपी: कानपुर में कूड़े के ढेर पर मिले एक्सपायरी चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट, लोग उठाकर ले गए
कानपुर में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला एक मामला सामने आया है। शहर में किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक्सपायरी डेट वाली चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के कई डिब्बे कूड़े के ढेर के पास फेंक दिए। हैरानी की बात यह रही कि आसपास मौजूद कुछ लोग उन खाद्य पदार्थों को कूड़े के बीच से उठाकर अपने साथ ले गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि कूड़े के ढेर पर चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के डिब्बे पड़े हुए थे। इन पैकेटों पर एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। सामान्य तौर पर एक्सपायरी हो चुके खाद्य पदार्थों को बाजार में बेचने या लोगों के बीच बांटने के बजाय सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए। लेकिन यहां जिस तरह से खाद्य सामग्री को खुले में फेंका गया, उससे एक अलग ही खतरा पैदा हो गया।
कूड़े के ढेर के आसपास मौजूद लोगों में से कुछ ने इन डिब्बों को उठा लिया। कई लोगों ने शायद यह जांच भी नहीं की कि पैकेट के अंदर रखी खाद्य सामग्री इस्तेमाल करने लायक है या नहीं। यही लापरवाही आगे चलकर स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को लेकर क्यों जरूरी है सावधानी?
चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट जैसे पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण और उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी लिखी होती है। पैकेट पर दर्ज तारीख को देखकर ही यह तय किया जाना चाहिए कि कोई खाद्य सामग्री इस्तेमाल करने योग्य है या नहीं। खासकर जब कोई सामान कूड़े के ढेर में पड़ा मिले तो उसे उठाकर खाना या बच्चों को देना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
कूड़े के ढेर पर पड़े खाद्य पदार्थ धूल, गंदगी, कीड़े-मकौड़ों और अन्य दूषित चीजों के संपर्क में आ सकते हैं। पैकेट बाहर से ठीक दिखाई दे, तब भी उसके अंदर की सामग्री सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। इसके अलावा यदि किसी खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है तो उसे खाने से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।
लोगों ने डिब्बे उठाए, वीडियो ने बढ़ाई चिंता
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि कूड़े के ढेर पर फेंके गए सामान को लोग उठाकर ले गए। वीडियो में दिखाई देने वाली स्थिति ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर खाद्य पदार्थों को इस तरह खुले में क्यों फेंका गया और उन्हें उठाकर ले जाने वालों को यह जानकारी थी या नहीं कि सामान एक्सपायरी हो चुका है।
यदि किसी व्यक्ति को कूड़े के ढेर पर खाने-पीने की वस्तुएं मिलती हैं तो उन्हें उठाकर घर ले जाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए। खासकर बच्चों को ऐसी चीजें बिल्कुल नहीं देनी चाहिए। बच्चों में खराब या दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का खतरा अधिक हो सकता है।
सवाल यह भी कि एक्सपायरी सामान खुले में कैसे पहुंचा?
इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि आखिर ये एक्सपायरी खाद्य पदार्थ कूड़े के ढेर तक पहुंचे कैसे। यदि किसी दुकान, गोदाम या कारोबारी के पास एक्सपायरी स्टॉक पड़ा था तो उसे नियमानुसार अलग करके सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए। उसे इस तरह खुले में फेंक देना, जहां आम लोग उसे उठा सकें, गंभीर लापरवाही मानी जा सकती है।
प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने यह पता लगाने की चुनौती होगी कि ये खाद्य पदार्थ कहां से आए और इन्हें किसने कूड़े के ढेर पर फेंका। यदि जांच में किसी कारोबारी या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों की सेहत को लेकर सबसे ज्यादा चिंता
चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट ऐसी चीजें हैं जिन्हें बच्चे आसानी से पसंद करते हैं। यदि कोई बच्चा कूड़े के ढेर से मिली ऐसी खाद्य सामग्री को खाने लगे तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अभिभावकों को भी अपने बच्चों को समझाना चाहिए कि सड़क किनारे, कूड़े के पास या किसी अनजान जगह पर पड़ा हुआ खाद्य पदार्थ कभी न उठाएं।
कई बार पैकेट देखकर सामान सामान्य लगता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता खराब हो चुकी होती है। इसलिए किसी भी परिस्थिति में कूड़े के ढेर से मिले खाद्य पदार्थ को खाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों जरूरी
इस तरह की घटनाएं केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं हैं। दुकानदारों, कारोबारियों और आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को सामान्य कचरे के साथ खुले में फेंकने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नष्ट किया जाना चाहिए।
वहीं आम लोगों को भी किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ को देखकर उसे उठाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। यदि कोई खाद्य सामग्री एक्सपायरी हो चुकी है तो उसे किसी दूसरे व्यक्ति, जरूरतमंद या बच्चे को देना भी उचित नहीं है।
कानपुर की इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कूड़े के ढेर पर पड़े एक्सपायरी चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के डिब्बे लोगों द्वारा उठा लिए जाने की तस्वीरें यह बताती हैं कि खाद्य पदार्थों को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है।
सबसे अहम बात यही है कि कूड़े के ढेर से मिला कोई भी खाद्य पदार्थ, चाहे पैकेट कितना भी सही क्यों न दिखाई दे, उठाकर खाना या बच्चों को खिलाना उचित नहीं है। इस मामले में यह भी जांच का विषय है कि एक्सपायरी सामान खुले में किसने और क्यों फेंका। यदि जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होती है तो खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।














