उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है।
मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत के दौरान टिकैत ने कहा कि अगर रामपुर की यूनिवर्सिटी को तोड़ने की कार्रवाई की गई तो ट्रैक्टर और जेसीबी के बीच युद्ध होगा।
राकेश टिकैत का यह बयान यूनिवर्सिटी से जुड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के संदर्भ में सामने आया है। उन्होंने मंच से कहा कि किसानों के मुद्दों को लेकर संगठन लगातार आवाज उठाता रहेगा और किसी भी कार्रवाई का विरोध किया जाएगा।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर बोले टिकैत
मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े लोग पहुंचे थे। पंचायत में किसानों से जुड़े कई मुद्दों के साथ रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का मामला भी उठाया गया।
इसी दौरान राकेश टिकैत ने यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर यूनिवर्सिटी को तोड़ा गया तो ट्रैक्टर और जेसीबी आमने-सामने होंगे। उनका यह बयान यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध के तौर पर सामने आया।
यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर विवाद
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों में रही है। यूनिवर्सिटी परिसर में बने निर्माणों को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की बात सामने आती रही है। इसी मुद्दे को लेकर यूनिवर्सिटी से जुड़े पक्ष और प्रशासन के बीच कानूनी प्रक्रिया भी चली है।
टिकैत ने इसी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाती है तो किसान उसका विरोध करेंगे।
किसान महापंचायत में कई मुद्दे उठे
मुजफ्फरनगर की किसान महापंचायत में किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किसान नेताओं ने फसलों के उचित दाम, गन्ने के मूल्य, एमएसपी और किसानों की जमीन से जुड़े मामलों को लेकर अपनी बातें रखीं।
राकेश टिकैत ने किसानों से एकजुट रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन आगे भी आवाज उठाता रहेगा।
बयान के बाद चर्चा में आया जौहर यूनिवर्सिटी मामला
राकेश टिकैत के बयान के बाद रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। “ट्रैक्टर-जेसीबी के बीच युद्ध” वाली उनकी टिप्पणी को यूनिवर्सिटी पर संभावित कार्रवाई के विरोध के संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति और उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित आदेशों एवं न्यायिक निर्णयों पर निर्भर करेगी। फिलहाल टिकैत के बयान ने इस मुद्दे पर राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच चर्चा को तेज कर दिया है।
रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में आगे प्रशासन क्या कदम उठाता है और किसान संगठन इस पर क्या रुख अपनाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।













