भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर, 24 मार्च 2025/
बलरामपुर जिले के दूरस्थ इलाकों में विकास को गति देने और पुलिस-प्रशासन व आम जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से सिविक एक्शन प्लान के तहत कलेक्टर राजेंद्र कटारा और पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल ने विकासखंड कुसमी के जलजली गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों जैसे गीदम, गदामी और मारेवाडीह के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी बुनियादी समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने मौके पर ही कुछ समस्याओं का समाधान किया, जबकि बाकी समस्याओं को प्राथमिकता पर हल करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी दस्तावेजों से संबंधित समस्याएँ रखीं। कलेक्टर ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया और जहां तक संभव हो सका, तुरंत समाधान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। खासकर आधार कार्ड, राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसी दस्तावेज़ी समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने की बात कही।

कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल और आँगनबाड़ी केंद्र भेजें, ताकि वे सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन हमेशा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं, जिससे उनके जीवन स्तर को बेहतर किया जा सके।

पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि जनता के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ कैंप स्थापित किए गए हैं, जो जनसुविधा केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से जिले को पूरी तरह नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक ने सरकार की पुनर्वास योजनाओं और आत्मसमर्पण नीति के बारे में जानकारी दी और बताया कि इन योजनाओं के तहत ग्रामीणों को रोजगार, शिक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में पुलिस को सूचित करें और समाज में शांति बनाए रखने में मदद करें। उन्होंने यातायात नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में भी जागरूक किया। ग्रामीणों को हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीण खेल समितियों के खिलाड़ियों को खेल सामग्री जैसे वॉलीबॉल, क्रिकेट किट, कैरम और शतरंज (चेस) वितरित की। साथ ही स्कूली बच्चों को जूते और पढ़ाई किट प्रदान की। ग्रामीण महिलाओं को मच्छरदानी और चरण पादुका भी दी गई, ताकि वे स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी करुण डहरिया, सीआरपीएफ कैम्प सबाग के सहायक कमांडेंट रवि रंजन, थाना प्रभारी सामरी विजय प्रताप सिंह, कुसमी विकास खंड शिक्षा अधिकारी रामपथ यादव, तहसीलदार और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि प्रशासन की यह पहल जनता तक अधिक से अधिक पहुंच सके और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

यह कार्यक्रम न केवल ग्रामीणों के बीच प्रशासन और पुलिस के प्रति विश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि यह क्षेत्र में विकास की गति को भी तेज करेगा, जिससे वहां रहने वाली जनता को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ मिल सके।














