देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दूषित पानी पीने से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अधिकारी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।
प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों का इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त कराया जाएगा। वहीं सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है।
हालांकि पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये तक मांगे गए, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार ने फिलहाल आधिकारिक रूप से 3 मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या 5 तक पहुंच चुकी है।
प्रशासन ने इलाके की पानी सप्लाई की जांच शुरू कर दी है और लोगों से दूषित पानी न पीने की अपील की गई है। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।














