पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) ने पहल करते हुए भारत को संपर्क किया और युद्ध विराम की गुहार की। इसके बाद अमेरिकी मध्यस्थता से युद्धविराम तय हुआ।