भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर, 04 मार्च 2025 – जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग बसंत मिंज ने बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार लड़के की उम्र कम से कम 21 वर्ष और लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कठोर कार्रवाई
बाल विवाह करने वाले वर, वधू, उनके माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती, और विवाह कराने वाले पुरोहित पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। किसी भी व्यक्ति जो जानबूझकर इस निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है, उसे दो वर्ष तक का कठोर कारावास या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
बाल विवाह के नकारात्मक प्रभाव
बाल विवाह के कारण बच्चों में कुपोषण, शिशु-मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर में वृद्धि, और घरेलू हिंसा में भी बढ़ोतरी देखी जाती है।
विशेष अवसरों पर सतर्कता आवश्यक
श्री मिंज ने बताया कि 06 अप्रैल 2025 को रामनवमी और 30 अप्रैल 2025 को अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़े पैमाने पर बाल विवाह संपन्न होने की संभावना रहती है। अतः इन दिनों विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जागरूकता अभियान और निगरानी
प्रत्येक ग्राम पंचायत में कोटवार द्वारा बाल विवाह न करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, पटवारी, कोटवार, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम स्तरीय सरकारी अमले को बाल विवाह के मामलों की पहचान और सूचना देने का दायित्व सौंपा गया है।
सूचना देने के लिए संपर्क नंबर
बाल विवाह की सूचना ग्राम सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, शिक्षक, कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस थाना/चौकी, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), महिला हेल्पलाइन (181), पुलिस हेल्पलाइन (112), और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मोबाइल नंबर 9826278915 पर दी जा सकती है।
बसंत मिंज ने नागरिकों से अपील की है कि वे लड़के के 21 वर्ष और लड़की के 18 वर्ष पूरा होने के बाद ही विवाह करें और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।














