भारत-पाक में अचानक क्यों हुआ सीजफायर? 10 प्वाइंट्स में जानिए संघर्ष विराम के बाद क्या हु

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था और इस बीच दोनों देशों ने शनिवार को तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर बताया कि यह सफलता तब मिली जब जो दिनों तक लगातार दोनों देशों के नेताओं से गहन बातचीत की गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए घातक आतंकवादी हमले के बाद सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था और इस बीच दोनों देशों ने शनिवार को तत्काल संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर बताया कि यह सफलता तब मिली जब जो दिनों तक लगातार दोनों देशों के नेताओं से गहन बातचीत की गई। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब शुरू हुआ था जब पहलगाम में आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।
रुबियो ने पीएम मोदी की सराहना की
रुबियो ने टकराव के बजाय बातचीत को चुनने के लिए पीएम मोदी और पाकिस्तान की भी सराहना की। हालांकि, संघर्ष विराम की घोषणा के कुछ घंटों के बाद ही श्रीनगर और सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा उल्लंघन देखा गया। आईए जानते हैं, सीजफायर के बाद क्या-क्या हुआ…
संघर्ष विराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष विराम समझौते पर सवाल उठाए, क्योंकि शनिवार शाम श्रीनगर में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंज उठीं।
अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, “संघर्ष विराम को आखिर क्या हो गया? श्रीनगर में धमाकों की आवाजें सुनी गई। यह कोई संघर्ष विराम नहीं है। श्रीनगर के बीच में हवाई रक्षा इकाइयों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।”
इससे पहले, अमेरिका ने युद्ध विराम का श्रेय लिया था। सीएनएन के अनुसार, यह बताया गया था कि यह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ही थे जिन्होंने अंततः प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रवार को पूर्वी समयानुसार दोपहर 12 बजे फोन करके आग्रह किया था कि वे भारत को पाकिस्तान से सीधे बात करने के लिए कहें “ताकि तनाव कम करने के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जा सके”।
सीएनएन के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि वेंस ने सबसे पहले खुफिया जानकारी ट्रंप को दी और फिर पीएम मोदी को फोन करके बताया कि अमेरिका का मानना है कि अगर सप्ताह के अंत तक में दोनों देश शांत नहीं हुए, तो तनाव बढ़ने की बहुत अधिक संभावना है।
शनिवार शाम को भारत के सीमावर्ती राज्यों में सायरन बजने लगे और धमाके गूंजने लगे, क्योंकि पाकिस्तान ने एक बार फिर भारतीय हवाई क्षेत्र में ड्रोन लॉन्च किए। श्रीनगर में जोरदार धमाके की खबर मिली, जबकि उधमपुर और जम्मू क्षेत्र के अन्य हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे।
जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में एहतियात के तौर पर ब्लैकआउट लागू कर दिया गया था, क्योंकि रात में उकसावे की लगातार हो रही घटनाओं में एक और पाकिस्तानी ड्रोन घुसपैठ की बात सामने आई थी।
सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि नागरोटा मिलिट्री स्टेशन पर मौजूद एक जवान ने समय रहते कार्रवाई करके संभावित घुसपैठ को नाकाम कर दिया, जिसके बाद दोनों तरफ से हल्की गोलीबारी हुई और कुछ लोग मामूली रूप से घायल हो गए। संदिग्ध की तलाश में तलाशी अभियान भी चलाया गया।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद प्रेस वार्ता की और कहा, “पिछले कुछ घंटों से पाकिस्तान की ओर से इस समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है। भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है और सीमा पर इस घुसपैठ से निपट रही है। यह घुसपैठ बेहद निंदनीय है और इसके लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान को इस स्थिति को ठीक से समझना चाहिए और इस घुसपैठ को रोकने के लिए तुरंत उचित कार्रवाई करनी चाहिए।”










