पारस अस्पताल बना गैंगवॉर का मैदान
पटना ब्यूरो:
राजधानी पटना के मशहूर पारस अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुख्यात हिस्ट्रीशीटर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात इतनी सटीक और सनसनीखेज थी कि इसे देखकर फिल्मी गैंगवॉर की याद आ जाती है।
पूरा घटनाक्रम अस्पताल के CCTV कैमरे में कैद हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।
क्या है मामला?
चंदन मिश्रा, जिस पर 10 से अधिक हत्या व रंगदारी के मामले दर्ज हैं, वर्तमान में जेल में बंद था।
वह पैरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती था।
मंगलवार शाम करीब 5 बजे, 5 अज्ञात शूटर अस्पताल में घुसे, और सीधे चंदन के कमरे में पहुंचकर उस पर लगातार फायरिंग की।
चंदन को 10 से अधिक गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमलावर घटना को अंजाम देकर बिना किसी डर के फरार हो गए।
CCTV में क्या दिखा?
पांचों हमलावरों ने पहले अस्पताल के गेट से प्रवेश किया।
उन्होंने चेहरे छिपाए हुए थे लेकिन उनकी चाल में कोई घबराहट नहीं थी।
सीधा आईसीयू वार्ड में दाखिल हुए और महज 40 सेकंड में पूरी वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
चंदन ने बचने की कोशिश की लेकिन हमलावरों ने कोई मौका नहीं दिया
पुलिस प्रशासन में हड़कंप
घटना के बाद पटना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचीं।
शहर में हाई अलर्ट घोषित
अस्पताल के कर्मचारियों और गार्ड्स से पूछताछ
CCTV फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान की कोशिश
प्रशासन पर उठे सवाल
ऐसे खतरनाक अपराधी को अस्पताल में बिना पर्याप्त सुरक्षा क्यों रखा गया?
अस्पताल में हथियार लेकर घुसने की अनुमति कैसे मिली?
क्या पुलिस और जेल प्रशासन की इसमें लापरवाही रही?
चश्मदीद का बयान:
“सब कुछ अचानक हुआ। पहले लगा कोई झगड़ा हुआ है, लेकिन जैसे ही गोलियों की आवाज़ आई, सब लोग इधर-उधर भागने लगे।”
विशेषज्ञों की राय:
“ये वारदात इस बात का संकेत है कि अपराधी अब कानून से डरते नहीं। इस तरह की घटनाएं आम लोगों में भय का माहौल बना रही हैं।”
निष्कर्ष:
पटना की यह घटना राज्य की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक तूफान भी उठ सकता है।












