स्कूल के पास गांव के मध्य शराब ठेका होने पर महिलाओं का हंगामा, ठेका हटाने की मांग
भरथना : ग्राम समसपुर में स्कूल और आबादी के बीच स्थित देसी शराब के ठेके का विरोध करते हुए बुधवार दोपहर ग्रामीण महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने ठेके में अंदर रखी शराब बाहर फेंक दीं और ठेका गांव से बाहर स्थानांतरित किए जाने की मांग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर मामला शांत कराया। बताया गया है कि गांव समसपुरा निवासी गयादीन गर्मियों में बर्फ के गोले बेचने का काम करते हैं। उनका आरोप है कि मंगलवार को वह गांव में बच्चों को बर्फ के गोले बेच रहे थे, तभी कुछ डिस्पोजल गिलास बच्चों द्वारा ठेके के पास नाली में फेंक दिए गए। इसी बात को लेकर ठेके पर कार्यरत कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट कर दी और नाली में गिरे गिलास उठाने के लिए कहा। इस घटना की शिकायत देर रात थाने में की गई।

बुधवार सुबह इस घटना से नाराज ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के बीचों-बीच और स्कूल के समीप स्थित शराब का ठेका बच्चों और ग्रामीणों पर गलत असर डाल रहा है। सैकड़ों महिलाओं ने ठेके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया, शराब की पेटियां बाहर फेंक दीं और कर्मचारियों से हाथापाई भी की। महिलाओं का कहना था कि गांव के पुरुष शराब पीकर घर आते हैं और परिवार के साथ मारपीट करते हैं। इसलिए ठेका गांव से बाहर किया जाए। ग्राम प्रधान कृपाशंकर ने बताया कि ठेका गांव के अंदर होने से माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल भी करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। दूसरी ओर ठेका संचालक, इकदिल थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ापति निवासी ज्ञानेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ महिला और पुरुषों ने दुकान के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए तथा लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टॉक में रखे 3009 देसी शराब के पव्वे, जिनकी कीमत करीब 2,40,720 रुपये थी, बाहर फेंक दिए गए। साथ ही इनवर्टर, कनवर्टर समेत अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आबकारी निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि घटना की जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने कहा कि तहरीर मिलने पर आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।













