बलरामपुर 25 अप्रैल 2026/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी चेतन बोरघरिया ने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना, त्रुटि सुधार कराना एवं नाम विलोपन की प्रक्रिया सतत रूप से जारी रहती है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद भी पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता के वोटर आईडी कार्ड में नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, पता अथवा फोटो में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो उसे फार्म-8 के माध्यम से आसानी से सुधारा जा सकता है। साथ ही मृत्यु, पलायन या स्थानांतरण की स्थिति में मतदाता सूची से नाम विलोपन की कार्यवाही भी की जा सकती है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री चेतन बोरघरिया ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने एवं परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में अवश्य जांच लें। यदि वोटर आईडी कार्ड में दर्ज विवरण अन्य दस्तावेजों के अनुरूप सही नहीं है, तो तत्काल फार्म-8 के माध्यम से त्रुटि सुधार हेतु आवेदन करें। वर्तमान में सभी आवश्यक दस्तावेजों में एक समान जानकारी होना अनिवार्य है।
क्या है फार्म-8 एक फार्म, अनेक सुविधाएं
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग फार्म निर्धारित किए गए हैं। इनमें फार्म-8 एक महत्वपूर्ण फार्म है, जिसका उपयोग मतदाता सूची में त्रुटि सुधार, स्थानांतरण, प्रतिस्थापन ईपीक प्राप्त करने तथा स्वयं को दिव्यांग के रूप में चिन्हित करने के लिए किया जाता है।
कैसे करें आवेदन
मतदाताओं की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मतदाता घर बैठे ही ई-सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए वे ईसीआईनेट वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप अथवा वोटर पोर्टल पर लॉगिन कर फार्म-8 भर सकते हैं। साथ ही संबंधित मतदान केंद्र के बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
सहायता के लिए टोल फ्री नंबर
मतदाताओं की सहायता के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा टोल फ्री नंबर 1950 जारी किया गया है। इस नंबर पर कार्यालयीन समय में संपर्क कर आवश्यक जानकारी एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही मोबाइल एप के माध्यम से बुक ए कॉल विथ बीएलओ सुविधा का उपयोग कर सीधे बूथ लेवल अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने मतदाता पहचान पत्र में दर्ज विवरणों की जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।