इटावा के अहिरीपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि कई बार सील किए जा चुके AK विश्वास बंगाली अस्पताल का संचालन फिर से शुरू हो जाता है। आखिर ऐसा कैसे होता है? कौन है जो बार-बार कार्रवाई के बाद भी इस अस्पताल को दोबारा खुलने देता है?
👉 हमारी पड़ताल में स्थानीय लोगों और सूत्रों ने कई गंभीर दावे किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कथित तौर पर पैसों के लेनदेन के चलते कार्रवाई का असर ज्यादा दिनों तक नहीं रहता। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर अस्पताल पहले भी कई बार सील किया गया था, तो फिर वह दोबारा कैसे खुला? और यदि अस्पताल नियमों के विरुद्ध चल रहा था, तो स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की?

सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि इस मामले में कुछ अधिकारियों तक कथित तौर पर हर महीने पैसे पहुंचाए जाते हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लिया जाना बाकी है।














