एक आजादी टूटी सड़कों से भी चाहिए!
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर इलाके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली जाती दिखाई दे रही है। हाथों में तिरंगा लिए लोग देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं और माहौल में आजादी के जश्न की झलक नजर आ रही है।
लेकिन इसी बीच वीडियो में सड़क की हालत भी लोगों का ध्यान खींच रही है। जगह-जगह टूटी और खराब सड़कें देखकर सवाल उठ रहा है कि देश की आजादी के साथ क्या आम लोगों को गड्ढों और बदहाल सड़कों से भी आजादी नहीं मिलनी चाहिए?
तिरंगा देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जाती हैं और लोग देश के प्रति अपना सम्मान प्रकट करते हैं। ऐसे में जब किसी इलाके में देशभक्ति का संदेश लेकर यात्रा निकलती है, तो उसी रास्ते की बदहाल तस्वीर विकास के दावों पर सवाल खड़े कर देती है।
शिकारपुर के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग तिरंगा यात्रा की सराहना कर रहे हैं तो कुछ लोगों का कहना है कि देशभक्ति के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है।
सड़कें किसी भी इलाके के विकास की पहली पहचान मानी जाती हैं। अच्छी सड़कें केवल आने-जाने की सुविधा नहीं देतीं, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार तक पहुंच को भी आसान बनाती हैं। वहीं टूटी सड़कें लोगों के लिए रोजाना परेशानी का कारण बनती हैं। बारिश के मौसम में इनकी स्थिति और खराब हो जाती है और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
वीडियो में दिखाई दे रही सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से उम्मीद की जाती है कि वह मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाए और यदि सड़क मरम्मत की आवश्यकता है तो जल्द कार्रवाई करे।
आजादी का मतलब सिर्फ विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है। आजादी का मतलब यह भी है कि आम आदमी को सुरक्षित सड़कें मिलें, बेहतर सुविधाएं मिलें और उसे रोजमर्रा की बुनियादी समस्याओं के लिए परेशान न होना पड़े।
तिरंगा यात्रा देशभक्ति का संदेश देती है, लेकिन टूटी सड़कें विकास की दूसरी तस्वीर दिखाती हैं। इसलिए सवाल सिर्फ इतना नहीं कि तिरंगा कितनी शान से लहराया गया, सवाल यह भी है कि जिस सड़क से तिरंगा यात्रा गुजर रही है, वह सड़क कब सुधरेगी?
क्योंकि देश के प्रति सम्मान सिर्फ तिरंगा हाथ में उठाने से नहीं, बल्कि देश और समाज की बुनियादी जरूरतों को बेहतर बनाने से भी साबित होता है।
एक आजादी देश को मिली थी… अब एक आजादी टूटी सड़कों, गड्ढों और बदहाल रास्तों से भी चाहिए।














