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चंबल नदी उफान पर, तीन गांव बाढ़ की चपेट में — संपर्क मार्ग बंद, बिजली गुल, ग्रामीण नाव से कर रहे पलायन
उदी/चकरनगर:
मध्यप्रदेश और राजस्थान के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के चलते कोटा बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी उफान पर है। गुरुवार को चंबल का जलस्तर 120.80 मीटर से बढ़कर 126.89 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से छह मीटर ऊपर दर्ज किया गया।
बाढ़ के कारण बढ़पुरा क्षेत्र के तीन गांव — वसवारा, मडैंया और मडैंया पछांगांव पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह ठप है। मडैंया पछांगांव में एक दर्जन से अधिक घर जलमग्न हो चुके हैं, और बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे प्रशासन द्वारा दी गई नावों की मदद से अपने घरों को खाली कर रहे हैं और मवेशियों व जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। हालांकि पीड़ितों ने यह भी कहा कि अब तक ना तो कोई राहत शिविर लगाया गया है और ना ही खाद्यान्न जैसी कोई सहायता उन्हें मिली है।
इस संबंध में एसडीएम विक्रम राघव ने जानकारी दी कि
> “प्रशासन की टीम लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर बनाए हुए है। मडैंया पछांगांव में डूबे घरों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है, दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। वसवारा गांव में जनरेटर पहुंच गया है और मडैंया पछांगांव में भी शुक्रवार तक मोटरबोट और जनरेटर की व्यवस्था कर दी जाएगी। हमारी टीम अलर्ट मोड पर है।”
प्रशासन की ओर से अभी और राहत कार्य तेज किए जाने की आवश्यकता जताई जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए त्वरित राहत शिविर और खाद्यान्न वितरण की माँग की जा रही है।
📍 स्थिति पर नजर बनी हुई है, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।













