उत्तर रेलवे के बरेली मंडल में एक बड़ी रेल दुर्घटना होते-होते रह गई, जब टनकपुर-बरेली पैसेंजर ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। घटना भोजीपुरा थाना क्षेत्र के घनघोरा पिपरिया गांव के पास की है, जहां रेलवे ट्रैक की कैंची (स्विच पॉइंट) में संदिग्ध रूप से पत्थर भरे हुए पाए गए। यह एक सुनियोजित साजिश मानी जा रही है, जिससे ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की गई।
लोको पायलट की सतर्कता ने बचाई सैकड़ों जानें
टनकपुर से बरेली की ओर आ रही पैसेंजर ट्रेन जैसे ही घनघोरा पिपरिया के समीप पहुंची, लोको पायलट को ट्रैक पर कुछ गड़बड़ी महसूस हुई। उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए ट्रेन को रोक दिया और इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को दी। मौके पर जीआरपी (Government Railway Police), आरपीएफ (Railway Protection Force) और स्थानीय पुलिस तुरंत पहुंच गईं। जांच में पाया गया कि ट्रैक के क्रॉसिंग प्वाइंट पर जानबूझकर पत्थर भरे गए थे, जिससे ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। अधिकारियों ने ट्रैक को क्लियर कराया और ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे रवाना किया गया।

जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
घटना के बाद रेलवे, जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीमें सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और तकनीकी जांच के माध्यम से मामले की छानबीन में जुटी हैं। प्रथम दृष्टया इसे एक सुनियोजित साजिश माना जा रहा है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे प्रशासन ने जताई चिंता
रेलवे अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ट्रैक की नियमित गश्त, लोको पायलट्स की सतर्कता और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की गई है।

स्थानीय जनता से अपील
पुलिस और रेलवे प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी रेलवे ट्रैक या उसके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचित करें।













