सीएम के इटावा दौरे से पहले सपा महिला सभा जिलाध्यक्ष सीमा यादव को कथित रूप से हाउस अरेस्ट किया गया
इटावा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इटावा आगमन से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। समाजवादी पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष सीमा यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए उनके एकता कॉलोनी स्थित आवास पर सुबह लगभग 10 बजे से शाम 4 बजे तक हाउस अरेस्ट रखा गया।
सीमा यादव का कहना है कि पुलिस बल उनके आवास के बाहर तैनात रहा और उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। उनके अनुसार, यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सरकार उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था, तो भी प्रशासन को संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रशासन और पुलिस ने वीवीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। इसी दौरान विपक्ष के कुछ नेताओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
समाजवादी पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी सीमा यादव को घर पर रोके जाने का विरोध जताया और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। वहीं, इस संबंध में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि सीमा यादव को औपचारिक रूप से नजरबंद किया गया था या यह केवल सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था के मद्देनजर उठाया गया कदम था।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री और अन्य वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन कई बार एहतियाती कदम उठाता है। हालांकि, ऐसे मामलों में विपक्ष अक्सर इसे राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने के रूप में देखता है।
फिलहाल, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।












