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कुसमी,बलरामपुर 26 जुलाई 2026। जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जीवनदायिनी 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। सामरी क्षेत्र के ग्राम डूमरखोली में प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला का अस्पताल पहुंचने से पहले ही चलती एम्बुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराया गया। ईएमटी मनीषा की सूझबूझ और त्वरित निर्णय से जच्चा और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई की रात लगभग 11 बजे ग्राम डूमरखोली निवासी गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 संजीवनी एक्सप्रेस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए रवाना हुई।
रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ जाने पर स्थिति को देखते हुए एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी मनीषा ने बिना समय गंवाए एम्बुलेंस में उपलब्ध मेडिकल किट और आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया। उनकी तत्परता और दक्षता से एम्बुलेंस में ही नवजात का सफल जन्म हुआ।
प्रसव के बाद ईएमटी ने मां और नवजात का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। दोनों की स्थिति सामान्य मिलने पर उन्हें आगे की चिकित्सकीय देखभाल के लिए निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ बताए गए हैं।
इस सराहनीय कार्य में ईएमई राकेश कुमार का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। पूरी कार्रवाई प्रोग्राम मैनेजर शैलेश इंदौरिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। घटना के बाद प्रसूता के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस की टीम, विशेष रूप से ईएमटी मनीषा के साहस, तत्परता और सेवा भावना की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
108 संजीवनी एक्सप्रेस की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों तो दूरस्थ क्षेत्रों में भी सुरक्षित मातृत्व और नवजात की रक्षा संभव है।
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