भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर26 जून 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार का तीन महीने का राशन एक साथ देने का फैसला अब गरीब जनता के लिए संकट बन गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हालत बद से बदतर हो चुकी है। सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हितग्राही शाम तक भी खाली हाथ लौट रहे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं लगातार चार-पांच दिन से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न राशन मिल रहा है, न सुनवाई।
नई बायोमेट्रिक मशीनें बनी सिरदर्द, स्लो सर्वर से बढ़ी परेशानी
राशन दुकानों में लगे नए बायोमेट्रिक मशीनों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। स्लो सर्वर के कारण घंटों बाद भी सिस्टम से राशन काफी हितग्राही को नहीं हो पा रहा। दुकानदार लाचार हैं और हितग्राही बेबस।
प्रशासन मौन, नेता नदारद – जनता पूछे किससे सवाल?
हितग्राही सवाल उठा रहे हैं कि सरकार ने बिना तैयारी के तीन महीने का राशन देने का आदेश तो दे दिया, लेकिन जमीनी हकीकत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया न अतिरिक्त कर्मचारी, न वैकल्पिक सिस्टम और न ही कोई मॉनिटरिंग टीम।

“मशीन चल नहीं रही, पेट जल रहा है”–
हितग्राहियों का फूटा ग़ुस्सा गांव की एक महिला हितग्राही ने कहा, “पांच दिन से राशन के लिए लाइन में खड़े हैं, मशीन स्लो होने के कारण हमारा राशन चावल लेने का नंबर ही नहीं आ पा रहा है बच्चों का पेट पालें या सिस्टम का इंतज़ार करें।














