भारत tv24×7 न्यूज़ चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर, 08 सितम्बर 2025।
नक्सल हिंसा ने जहाँ एक परिवार को टूटकर बिखेर दिया, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने उस परिवार को फिर से जीने का संबल दिया। जिला बलरामपुर के जनपद पंचायत शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत जोकापाठ निवासी सविता यादव अब पक्के मकान में सुरक्षित छत के नीचे अपने बच्चों के साथ नया जीवन जी रही हैं।
पति को नक्सलियों ने छीना, जीवन पर छा गया अंधकार :-
सविता यादव ने बताया कि उनके पति लखन लाल यादव को नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर बताकर निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया था। उस दर्दनाक घटना के बाद परिवार भय और संकट में घिर गया। बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया और सिर पर सुरक्षित छत तक न रही।
पीएम आवास बना उम्मीद की नई किरण :-
ऐसे कठिन हालातों में प्रधानमंत्री आवास योजना से सविता को पक्का मकान स्वीकृत हुआ। समय पर निर्माण पूरा कर वे आज अपने घर में सुरक्षित महसूस कर रही हैं। सविता भावुक होकर कहती हैं — “प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें न केवल सुरक्षित छत दी, बल्कि जीने का विश्वास भी लौटाया है।”
नक्सल पीड़ितों व आत्मसमर्पितों के लिए सरकार की पहल :-
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत नक्सल पीड़ित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को आवास का लाभ दिया है। बलरामपुर जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने बताया कि जिले में अब तक 6 आत्मसमर्पित नक्सली और 19 नक्सल पीड़ित परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ मिल चुका है। सिर्फ मकान नहीं, सम्मान और नई उम्मीद की नींव
प्रधानमंत्री आवास योजना ने इन परिवारों को सुरक्षा ही नहीं दी, बल्कि समाज में गरिमा और आत्मविश्वास के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।
अब सविता जैसी महिलाएँ कह रही हैं — “अपना घर मिला तो जीवन जीने का नया संबल मिला।”














