इटावा में घने कोहरे ने ओढ़ी सर्द रात की चादर, दिसंबर के अंत और जनवरी की दहलीज पर काँपता शहर
इटावा : दिसंबर का आधा महीना बीत जाने के बाद और जनवरी के आगमन में अब मात्र 15 दिन शेष रह गए हैं, इटावा की रातें सर्दी की गहरी चुभन के साथ-साथ घने कोहरे में तब्दील हो रही हैं। आज, 17 दिसंबर की रात ठीक 10 बजते ही शहर ने एकाएक अपने आप को सफेद, घनी कोहरे की चादर में लिपटा पाया। देखते ही देखते पूरा नगरीय परिवेश धुंध के गहरे पर्दे के पीछे छिप गया, जिससे न सिर्फ दृश्यता शून्य के करीब पहुँच गई, बल्कि ठंड का एहसास भी कई गुना बढ़ गया।
सड़कों पर चल रहे वाहनों के लिए यह स्थिति अचानक चुनौतीपूर्ण बन गई। चालकों को गाड़ियों की गति काफी कम करनी पड़ी और सभी को फॉग लाइट्स खोलकर सावधानी से रास्ता तलाशना पड़ रहा है। कोहरे के कारण यातायात की गति मंद पड़ गई है और सड़कें विरल नजर आ रही हैं। पैदल चलने वाले लोग भी सर्दी की कंपकंपाती ठंड और धुंध के बीच फंसे हुए हैं, जिससे सर्दी के प्रकोप का एहसास और भी तीव्र हो रहा है मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में गिरावट और नमी के बढ़ने के कारण इस तरह का घना कोहरा बना है, जो रात और सुबह के समय और सघन हो सकता है। इस मौसमी बदलाव के चलते स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है, खासकर सांस और हृदय रोगियों के लिए स्थितियाँ अधिक कठिन हो सकती हैं इस प्रकार, जनवरी की ठंड की आहट के साथ ही इटावा ने कोहरे के रूप में सर्दियों की एक और चुनौती का सामना शुरू कर दिया है, जो आने वाले दिनों में और भी गहरा सकता है।













