
महेवा ब्लॉक – इटावा स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल: प्राथमिक विद्यालय निवाड़ी कलां और अहेरीपुर में चल रहा था मौत का खेल, नोटिस का नाटक कर क्या बचा रहा है महकमा?

इटावा: क्या इटावा का स्वास्थ्य विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जनपद में स्वास्थ्य महकमे की सुस्ती और कागजी खानापूर्ति का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जो विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। महेवा के प्राथमिक विद्यालय निवाड़ी कलां के पास सुखेन सरकार और अहेरीपुर में डॉ. ए.के. विश्वास उर्फ अरुण कुमार विश्वास द्वारा बिना किसी वैध डिग्री और पंजीकरण के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का अवैध खेल पकड़ा गया था।
क्या कहती है विभाग की पोल खोलने वाली फाइल?
कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, इटावा द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस (पत्रांक: मु०चि०अ०/नोटिस/2026/6592, दिनांक 22/09/2026) खुद इस बात की गवाही दे रहा है कि 20 सितंबर 2026 को शाम 04:15 बजे औचक निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय निवाड़ीकलां महेवा स्थित संस्थान पर सुखेन सरकार को रंगे हाथों पकड़ा गया था।
निरीक्षण में साफ पाया गया कि प्राथमिक विद्यालय निवाड़ी कलां (सुखेन सरकार) और अहेरीपुर (डॉ. ए.के. विश्वास उर्फ अरुण कुमार विश्वास) पर बिना किसी वैध चिकित्सीय प्रमाण-पत्र के मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां, आई०वी० फ्लूड (ड्रिप) और आई०वी० इंजेक्शन धड़ल्ले से चढ़ाए जा रहे थे।
खुद विभाग ने नोटिस में लिखित रूप में माना कि यह सीधे तौर पर मासूमों की जान से खिलवाड़ है।
नोटिस का नाटक और 3 दिन की मोहलत क्यों? जब महकमे की टीम ने रंगे हाथों गैर-कानूनी और जानलेवा धंधा पकड़ लिया था, तो मौके पर ही क्लीनिक को सील कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई या एफआईआर क्यों नहीं की गई? सिर्फ 3 दिन का ‘कारण देकर स्पष्टीकरण मांगने का नोटिस’ थमाने का मतलब क्या था? क्या सिर्फ नोटिस से मरीजों की जान बच जाएगी?
आज 12 अक्टूबर है, अवैध खेल पर ताला क्यों नहीं? 22 सितंबर को जारी नोटिस की मियाद बीते हफ्तों हो चुकी है और आज 12 अक्टूबर आ चुकी है, लेकिन धरातल पर अवैध रूप से इलाज का यह खतरनाक खेल अब भी जारी है?
क्या सीएमओ कार्यालय की खानापूर्ति से पल रहे हैं ऐसे लोग? इतने गंभीर खुलासे और दस्तावेजों के बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल ‘कागजी खानापूर्ति’ करना यह सवाल पैदा करता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन झोलाछाप और फर्जी डॉक्टरों पर मेहरबान हैं?










