
जानकारी के अनुसार बंदर ने मोर को झपेट दिया, जिससे मोर को गंभीर चोटें आई हैं। घायल मोर फिलहाल कल्लू दुबे के पास सुरक्षित रखा गया है, लेकिन वह इस समय उड़ने की स्थिति में नहीं है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से घायल मोर के इलाज की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोर की हालत नाज़ुक है और तुरंत उपचार की ज़रूरत है ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर फिर से उड़ सके।













