उत्साह, उमंग, खुशियों और संकल्प का त्योहार कालासा साजना दिवस बैसाखी परंपरागत उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है। आने वाली सभी संगत, श्रद्धालू,स्त्री,नौजवान,बर्बर,बूढ़े और बच्चों ने सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की।
विचारधारा महोत्सव में एसोसिएटेड प्रकाश गुरु समिति के अध्यक्ष सरदार तरन पाल सिंह कालरा ने बताया कि बैसाखी मुख्य रूप से समृद्धि, खुशियों और संकल्प का त्योहार है। वर्ष 1699 में आज ही के दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। छकाया और पांच प्यारों का नाम दिया। पांच प्यारों को अमृत छकाने के बाद गुरु साहेब ने भी पांच प्यारों को अमृतपान कराया।
इस पर अखंड पाठ साहिब के चोला सेवा करने वाले पवन लूथरा व भरत सिंह को सिरोपा दिया गया। बैसाखी पर्व पर निशान साहिब का चोला चढ़ाया गया। नया चोला चढ़ाया गया।
इस मौके पर सरदार मनदीप सिंह, चरणजीत सिंह, दलजीत सिंह, जसवीर सिंह (पप्पी), बेटे सिंह साहनी, त्रिलोचन सिंह ने सामूहिक सहयोग के लिए गुरुदेव समिति की ओर से सभी का सामूहिक सहयोग और समिति ने सभी को वैशाखी की बधाई दी।














