भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
जिला बलरामपुर को नशा मुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक में नशे के अवैध कारोबार पर निर्णायक प्रहार के निर्देश दिए गए बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशीली दवाओं, मादक पदार्थों और अवैध व्यापार के खिलाफ कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कोटपा एक्ट पर सख्ती स्कूल–कॉलेज बने नो स्मोकिंग ज़ोन
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने कोटपा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित दुकानों की नियमित जांच और सार्वजनिक स्थलों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

झोला छाप डॉक्टरों पर सख्त प्रहार
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रतिबंधित व एक्सपायर दवाओं की बिक्री, अवैध क्लिनिक और बिना लाइसेंस संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झोला छाप डॉक्टरों और झाड़-फूंक करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए, ताकि आमजन के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो।

एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ा शिकंजा – एसपी
बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के सेवन पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और जिला मुख्यालय स्थित नशा मुक्ति केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नशा,अवैध दवाओं और झूठे इलाज के धंधे पर अब सख्ती से वार होगा।














