इटावा। जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डिप्टी सीएमओ) श्रीनिवास यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक की शिकायत के आधार पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिप्टी सीएमओ श्रीनिवास यादव पर एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक से कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले की जांच शुरू की और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए उन्हें रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई सीएमओ कार्यालय परिसर में की गई। विजिलेंस टीम ने डिप्टी सीएमओ को हिरासत में लेने के बाद आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की और उन्हें अपने साथ लेकर थाना सिविल लाइन पहुंची, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी हलचल देखी गई।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम पिछले कुछ समय से मामले पर नजर बनाए हुए थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना तैयार की गई और आरोपी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
हालांकि, अभी तक विजिलेंस विभाग की ओर से रिश्वत की रकम और मामले से जुड़ी अन्य आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले में विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और विभिन्न विभागों में रिश्वतखोरी के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इटावा में हुई इस कार्रवाई को भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल विजिलेंस टीम आरोपी डिप्टी सीएमओ से पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है। आने वाले समय में इस प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।
रिपोर्ट ; इक़बाल अहमद













