उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गुलदार के हमले की एक घटना सामने आई है।
थाना नहटौर क्षेत्र के नौधा इलाके में नगर पालिका के चौकीदार पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार के हमले से चौकीदार घायल हो गया। घटना के दौरान चौकीदार की चीख-पुकार सुनकर एक कुत्ता मौके पर पहुंच गया, जिसके बाद गुलदार वहां से भाग गया। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में गुलदार को लेकर दहशत का माहौल है।
घायल चौकीदार को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोग क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
ड्यूटी के दौरान चौकीदार पर हुआ हमला
बताया जा रहा है कि नगर पालिका का चौकीदार नौधा क्षेत्र में अपनी ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान अचानक गुलदार उसके सामने आ गया। इससे पहले कि चौकीदार कुछ समझ पाता, गुलदार ने उस पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से चौकीदार घबरा गया। गुलदार के हमले में वह घायल हो गया। जान बचाने के लिए चौकीदार ने शोर मचाना शुरू कर दिया और मदद के लिए चीख-पुकार करने लगा। घटना के दौरान उसकी आवाज आसपास के क्षेत्र में सुनाई दी।
चीख सुनकर मौके पर पहुंचा कुत्ता
चौकीदार की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद एक कुत्ता मौके की ओर दौड़ पड़ा। कुत्ते को अपनी ओर आता देखकर गुलदार वहां से भाग गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि समय पर कुत्ता मौके पर नहीं पहुंचता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
गुलदार के वहां से भागने के बाद चौकीदार को लोगों की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने घायल चौकीदार का उपचार शुरू किया।
हमले के बाद इलाके में बढ़ी दहशत
गुलदार के हमले की जानकारी फैलते ही नौधा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। ग्रामीण और स्थानीय लोग गुलदार की मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं। खासकर रात के समय अकेले बाहर निकलने वाले लोगों को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
बिजनौर जिले के कई इलाकों में पहले भी जंगली जानवरों की गतिविधियां सामने आती रही हैं। ऐसे में गुलदार के हमले की घटना के बाद स्थानीय लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए। इसके साथ ही वन विभाग को भी आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों की ओर से वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि गुलदार आसपास के इलाके में मौजूद है तो उसकी गतिविधियों का पता लगाया जाए और लोगों को सतर्क किया जाए।
ग्रामीणों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि गुलदार दोबारा किसी व्यक्ति या पालतू जानवर को निशाना न बना ले। इसके लिए संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी की जरूरत बताई जा रही है।
वन विभाग की ओर से गुलदार की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सकती है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि गुलदार को लेकर किसी भी कार्रवाई में वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
चौकीदार का अस्पताल में इलाज जारी
गुलदार के हमले में घायल नगर पालिका के चौकीदार को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद परिजनों और परिचितों में भी चिंता बनी हुई है।
चौकीदार पर हुए हमले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई। लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गुलदार क्षेत्र में कहां से आया और क्या वह अभी भी आसपास के इलाके में मौजूद है।
स्थानीय लोगों को विशेष रूप से रात और सुबह के समय सतर्क रहने की जरूरत महसूस हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खुले इलाकों और सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचना चाहिए।
पहले भी सामने आती रही हैं गुलदार की घटनाएं
बिजनौर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में समय-समय पर गुलदार दिखाई देने और उसके हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। गन्ने के खेत और वन क्षेत्र जंगली जानवरों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते हैं। कई बार आबादी वाले इलाकों के आसपास भी गुलदार की मौजूदगी देखी जाती है।
नौधा क्षेत्र में हुई ताजा घटना ने एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संपर्क को लेकर चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आबादी के आसपास नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
हालांकि किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी की स्थिति में लोगों को खुद उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। वन विभाग को सूचना देकर प्रशिक्षित टीम के जरिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की जरूरत होती है।
कुत्ते के पहुंचने से टला बड़ा खतरा
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा चौकीदार की चीख सुनकर मौके पर पहुंचे कुत्ते की हो रही है। बताया जा रहा है कि कुत्ते के वहां पहुंचने के बाद गुलदार चौकीदार को छोड़कर भाग गया। इससे चौकीदार को वहां से निकलने और मदद मिलने का मौका मिल गया।
घटना ने स्थानीय लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इलाके में वन्यजीवों की मौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और वन विभाग की निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई है।
फिलहाल घायल चौकीदार का सीएचसी में उपचार चल रहा है। थाना नहटौर क्षेत्र के नौधा इलाके में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोग सतर्क हैं। गुलदार की गतिविधियों को लेकर वन विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।













