दिल्ली में एक अनोखा घटनाक्रम देखने को मिला,
जहां पिछले तीन महीनों से प्रदर्शनकारियों को धरना-प्रदर्शन करने से रोकने वाली दिल्ली पुलिस के जवान खुद धरने पर बैठ गए। दरअसल, वकीलों की मांग पर दिल्ली पुलिस के एक ACP और एक इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया गया। इस फैसले के विरोध में पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी तबादले के फैसले का विरोध कर अपनी मांगों को उठा रहे थे। इस दौरान एक और दिलचस्प पहलू देखने को मिला। जिन पत्रकारों को दिल्ली पुलिस पिछले कई महीनों से दूसरे लोगों के विरोध-प्रदर्शनों की कवरेज करने से रोकती रही, उन्हीं पत्रकारों ने आज पुलिसकर्मियों के धरने को कवर किया और उनकी आवाज को प्रमुखता से सामने रखा।
इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।













