नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले कुछ महीने मुश्किल भरे हो सकते हैं।
नवंबर से फरवरी तक हर साल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। इसका असर नोएडा की एयर क्वालिटी पर भी देखने को मिलता है। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लोगों के बीच यह चिंता बढ़ रही है कि क्या फरवरी तक जहरीली हवा से बचने के लिए नोएडा छोड़कर किसी दूसरी जगह जाना बेहतर विकल्प होगा।
हैरानी की बात यह है कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार हर साल करोड़ों-अरबों रुपये खर्च करती है। इसके बावजूद प्रदूषण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आता। हर साल सर्दियों में वही हालात पैदा होते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर लोगों को साफ हवा कब मिलेगी?














