इटावा में मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को तकनीकी रूप से मजबूत करने और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के उद्देश्य से पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन UPSIDC (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम), यूपीकॉन और जिला उद्योग केंद्र, इटावा के संयुक्त तत्वावधान में नारायण कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स में किया गया।
कार्यशाला में RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के तहत मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। यह योजना विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त और भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य MSME सेक्टर के प्रदर्शन को सुधारना है।

कार्यशाला के मुख्य बिंदु:
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का अपग्रेडेशन, स्केल अप और डिजिटाइजेशन।
MSME नीति-2022 के तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी।
प्लग एंड प्ले पार्क, टेक्निकल अपग्रेडेशन और ZED (Zero Defect Zero Effect) सर्टिफिकेशन की जानकारी।
विलंबित भुगतान के समाधान और वित्तीय सहायता के उपाय।
यूपीकॉन के एक्सपर्ट श्री नीरज यादव ने बताया कि यह योजनाएं उद्योगों को न केवल आधुनिक बनाने में मदद करेंगी, बल्कि उन्हें नए बाजारों तक पहुँचने का भी अवसर देंगी। उन्होंने कहा कि ESG के तहत पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन की नीतियों को अपनाकर उद्योग अपनी उत्पादन प्रक्रिया को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सर्वेश चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि MSME उद्योगों को सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए ताकि वे तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।
इस मौके पर श्री शिव शंकर तिवारी (चेयरमैन, ब्लू वर्ल्ड इंटर कॉलेज), श्री आलोक दीक्षित (जिला अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल), श्री आनंद त्रिपाठी (यूपीकॉन कोऑर्डिनेटर) समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ईएसजी सर्टिफिकेट भी वितरित किए गए।
ESG से क्या होगा फायदा?
पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रक्रिया
सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन
बेहतर प्रशासनिक व्यवस्थाएं
अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
👉 मुख्य उद्देश्य:
उद्योगों को टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस के साथ जोड़कर उनके विकास को गति देना।














