इटावा। शनिवार सुबह रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच जिला अस्पताल के गेट नंबर दो के पास एक पुराना बरगद का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। पेड़ के नीचे खड़ी तीन कारें उसकी चपेट में आकर दब गईं। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय पेड़ के नीचे कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
बताया गया कि शनिवार सुबह से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही थी। बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने के बीच जिला अस्पताल के गेट नंबर दो के पास खड़ा कई वर्ष पुराना बरगद का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ का भारी तना और उसकी डालियां नीचे खड़ी कारों पर जा गिरीं, जिससे तीन वाहन दब गए।
पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर अस्पताल परिसर में मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जुट गई। पेड़ गिरने के कारण अस्पताल के गेट नंबर दो के आसपास कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित रहा।
सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन और संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पेड़ को हटाने तथा उसके नीचे दबे वाहनों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरगद का पेड़ काफी पुराना और विशाल था। अस्पताल परिसर में आने वाले लोग अक्सर इसके आसपास अपने वाहन खड़े करते थे। शनिवार को भी पेड़ के नीचे कई वाहन खड़े थे, जिनमें से तीन कारें पेड़ गिरने के बाद दब गईं।
हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अस्पताल प्रशासन की ओर से पेड़ हटाने और क्षतिग्रस्त वाहनों को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा रही।














