भर्थना, 25 फरवरी, जयोत्री अकैडमी में महाशिवरात्रि के पूर्व-उत्सव के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें धर्म, संस्कृति और कला का अद्भुत समागम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. नितिन पोरवाल एवं प्रधानाचार्य योगेन्द्रनाथ मिश्रा द्वारा माँ सरस्वती, भगवान शिव एवं विद्यालय के प्रेरणा स्रोत स्व.जय गोपाल एवं गायत्री देवी पोरवाल के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया। तत्पश्चात छात्रा कशिश, दीपिका एवं छात्र कार्तिक गुप्ता ने अपनी उत्कृष्ट भाषण कला द्वारा शिवरात्रि की महिमा का बखान किया।
इस भव्य आयोजन में संगीत प्रशिक्षक अनुज के निर्देशन में बच्चों द्वारा शिवजी की स्तुति में गाए गए मधुर भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नृत्य प्रशिक्षक अदनान के निर्देशन में प्रस्तुत नृत्य नाटिका रही, जिसमें शिव-पार्वती विवाह एवं भगवान शिव के विभिन्न रूपों को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया। छात्रों ने अपने भावपूर्ण अभिनय और उत्कृष्ट नृत्य कौशल से सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजन का स्रोत बनी बल्कि छात्रों में शिवभक्ति और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के प्रति प्रेम को भी प्रकट किया।
इस पावन अवसर पर प्रसिद्ध धर्म प्रचारक, साहित्य सांसद एवं ज्योतिषाचार्य पंडित रामेश्वर त्रिपाठी जी की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यालय के छात्रों को अपने आशीर्वचनों से धन्य किया और धर्म एवं संस्कारों की महत्ता पर प्रेरणादायक प्रवचन दिया।
उनके साथ आचार्य पंडित अंकुर द्विवेदी, आचार्य पंडित आनंद द्विवेदी एवं पंडित शैलेन्द्र त्रिपाठी जी भी उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
विद्यालय के निदेशक डॉ. नितिन पोरवाल ने सभी आचार्यों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और इस शुभ आयोजन की सफलता के लिए सभी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था जागृत होती है।
कार्यक्रम का संचालन काजल रुख़सार और आशीष दीक्षित ने कुशलतापूर्वक किया, जिनकी सराहनीय प्रस्तुति ने समस्त उपस्थितजनों को बांधे रखा।
खेल प्रशिक्षक भोला सिंह योग प्रशिक्षक अमित तिवारी सहित सभी शिक्षकों ने इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को सफल बनाने में अपना पूर्ण योगदान दिया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान छात्रों एवं शिक्षकों में उत्साह बना रहा, और महाशिवरात्रि के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।














