भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
कुसमी, 4 अप्रैल 2025/ जिला बलरामपुर के विकास खंड कुसमी में स्थित नविन प्राथमिक शाला तुर्री पानी के छात्र-छात्राओं के मध्यान भोजन में छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना स्कूल से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर हुई, जिससे बच्चों की सेहत को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
प्रधान पाठक और जिला प्रशासन की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला:
मामले की जानकारी मिलते ही प्रधान पाठक सरस्वती गुप्ता ने तुरंत विकास खंड चिकित्सा अधिकारी को सूचित किया। तत्पश्चात, विकास खंड शिक्षा अधिकारी और जिला प्रशासन की मदद से सभी 65 बच्चों का त्वरित परीक्षण कराया गया। एम्बुलेंस और निजी साधनों के जरिए बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाया गया।

अचानक पेट दर्द की शिकायत, लेकिन खतरा टला:
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, तीन बच्चों ने पेट में दर्द की शिकायत की, जिनका इलाज करने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई। बाकि सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए। एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को कुसमी स्थित कन्या व बालक छात्रावास में 24 घंटे निगरानी में रखा गया है।
लापरवाही का खुलासा: सहायिकाओं की लापरवाही बनी वजह:
मध्यान भोजन का संचालन “भूमि सहायता समूह” के द्वारा किया जाता है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल की तीन सहायिकाओं पर थी – झालो बाई, लीलावती, और गायत्री देवी। यह स्पष्ट हुआ कि इन सहायिकाओं की लापरवाही के कारण ही भोजन में छिपकली पाया गया।

प्रशासन ने शुरू की जांच:
तहसीलदार सुनील गुप्ता और सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी नंदकुमार गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और मामले की जांच शुरू की।
राहत की बात:
समय रहते किए गए त्वरित कदमों और प्रशासनिक सतर्कता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बच्चों की सेहत पूरी तरह सुरक्षित है, और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– यह घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों के खाने-पीने की सुरक्षा के लिए सतर्कता कितनी जरूरी है।














