भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर,30 नवबंर 2025/छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चें की पिटाई का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जावाखाड़ी प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक उदय कुमार यादव ने दूसरी कक्षा के छात्र की गिनती सुनाते समय गलती होने पर बुरी तरह मारपीट की। पिटाई इतनी तेज थी कि बच्चे की आंख में खून उतर आया और चेहरा सूज गया।
कैसे हुई घटना!
सूत्रों के अनुसार, लंच ब्रेक के बाद प्रधान पाठक उदय यादव गणित की कक्षा लेने दूसरी कक्षा में पहुंचे। उन्होंने छात्र भागीरथी से गिनती सुनाने को कहा। बच्चा गिनती बोलते समय अटक गया, जिस पर शिक्षक गुस्से में आ गए और उसे कई जोरदार थप्पड़ मार दिए। डर के कारण बच्चा चुपचाप सिर झुकाकर खड़ा रहा, लेकिन पिटाई जारी रही।
बाद में बच्चा दर्द और डर से रोता हुआ घर पहुंचा। परिजन जब उसके चेहरे की सूजन और आंख के अंदर उतरते खून को देखकर कारण पूछने लगे, तब बच्चे ने पूरी घटना बताई।
त्रिकुडा थाने में शिकायत!
बच्चे के पिता धनंजय यादव बच्चे को लेकर सीधे त्रिकुंडा थाना पहुंचे और प्रधान पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक अक्सर नशे की हालत में स्कूल पढ़ाने आते हैं और घटना वाले दिन भी उनकी हरकतें नशे में होने जैसी थीं।
थाना प्रभारी जवाहर तिर्की ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। यह भी जांच का हिस्सा होगा कि घटना के दौरान शिक्षक नशे में थे या नहीं।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई!
घटना की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को स्कूल और थाना भेजकर तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान पाठक उदय कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कुसमी, विकासखंड कुसमी निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें मूल–53 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता नियमों के अनुसार प्रदान किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों पर किसी भी प्रकार की मारपीट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गांव में नाराजगी, कड़ी कार्रवाई की मांग!
घटना सामने आने के बाद जावाखाड़ी और आसपास के गांवों में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने कहा कि छोटे बच्चों के साथ इस तरह की हिंसा बेहद शर्मनाक है और यह पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है।
जावाखाड़ी प्राथमिक शाला में कक्षा पहली से पांचवीं तक 30 से 35 बच्चे पढ़ते हैं। ग्रामीण इलाका होने की वजह से बच्चे अक्सर डर या संकोच के कारण शिकायत नहीं कर पाते। परिजन और ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।













