आहार में विविधता ही स्वस्थ जीवन की कुंजी
एक ही पोषक तत्व शरीर के उचित विकास के लिए अपर्याप्त
गर्मियों में बच्चों से लेकर बड़ों तक रखे खास ख्याल
लखनऊ 20 अप्रैल, 2025|
एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। हमारा भोजन न केवल हमें ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि हमारे शारीरिक और मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और समग्र स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। ऐसे में किसी एक प्रकार का पोषक तत्व या सप्लीमेंट हमारे स्वास्थ्य के लिए काफ़ी नहीं होगा| यह कहना है पीजीआई में कार्यरत डाइटीशियन डॉ. शिल्पी का|
वह बताती हैं कि पोषण की कमी से कई तरह के रोग हो सकते हैं, जिनमें एनीमिया, रिकेट्स, स्कर्वी, बेरीबेरी, रतौंधी और घेंघा प्रमुख हैं| अल्पपोषण यानि शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की कमी, और अतिपोषण यानि शरीर को अतिरिक्त पोषक तत्व मिलना है, दोनों ही कुपोषण के प्रकार हैं, जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं| वह बताती हैं कि आज के समय में अल्पपोषण के साथ अतिरिक्त पोषण से उत्पन्न समस्याओं से ग्रसित लोग उनके पास आ रहे हैं, जिन्हें जरुरी सलाह और निगरानी से सही किया जा रहा है|
डॉ. शिल्पी का कहना है कि अधिक मात्रा में न्यूट्रिशन का सेवन करना भी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है| जिसमें मोटापा, डायबिटीज़, हृदय रोग और यहां तक कि कुछ प्रकार के कैंसर जैसी गंभीर समस्याएँ भी शामिल हैं| साथ ही जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और अनियमित भोजन का सेवन के कारण शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इसका परिणाम थकान, कमजोरी, बीमारियों का खतरा और शारीरिक विकास में बाधा के रूप में सामने आ सकता है। गर्मियों में यह समस्या और बढ़ सकती है|
स्तनपान कर रहे शिशुओं को गर्मियों में सिर्फ़ स्तनपान ही कराएँ, उसी से उनकी पानी की जरुरत भी पूरी हो जाती है, वही छः माह से ऊपर के बच्चों को स्तनपान के साथ जरुरी आहार दें| किशोर किशोरी बाहिरी खानपान पर ज्यादा निर्भर न रहकर, मौसमी फल सब्जी का सेवन करें, वहीँ गर्भवती अपने खानपान का विशेष ध्यान दे, आयरन कैल्शियम की गोलियों के साथ उचित आहार ले जिससे इनका अवशोषण बेहतर हो| आमजन भी गर्मी में अपने खानपान का ख्याल रखे, ज्यादा तला भुना न खायें, साथ ही सभी खूब पानी पियें|
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार केवल आयरन की गोलियों या फोलिक एसिड सप्लीमेंट से पोषण सम्बन्धी जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकता| आहार में विविधता लाना, फल, दूध और सब्जियों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। इससे आवश्यक पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होगा और स्वास्थ्य में सुधार होगा। ऐसे में इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि आहार में सभी पोषक तत्वों की मात्रा संतुलित होनी चाहिए, न कि किसी एक पोषक तत्व की अधिकता या कमी|
मुख्य पोषक तत्व:
• कार्बोहाइड्रेट: यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का मुख्य स्रोत है।
• प्रोटीन: यह शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है।
• वसा: यह ऊर्जा का भंडार है और कुछ विटामिनों के अवशोषण में मदद करता है।
• विटामिन: यह शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
• खनिज: यह हड्डियों, दांतों और अन्य शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
• फाइबर: यह भोजन को पचाने के काम आता है|
• पानी: यह शरीर के सभी कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अपनी डाइट में करें ये बदलाव:
• फल और सब्जियां: अपनी डाइट में विभिन्न प्रकार के रंगीन फल और सब्जियां शामिल करें। ये विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होते हैं।
• साबुत अनाज: मैदा की जगह गेहूं, बाजरा, ज्वार जैसे साबुत अनाज का सेवन करें। इनमें फाइबर और अन्य पोषक तत्व अधिक होते हैं।
• दालें और फलियां: ये प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं।
• डेयरी उत्पाद: दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम और प्रोटीन प्रदान करते हैं।
• स्वस्थ वसा: जैतून का तेल, सरसों का तेल, नट्स और सीड्स जैसे स्वस्थ वसा का सेवन करें।
• पानी: दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
जंक फूड से बचें:
जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कैलोरी, अस्वास्थ्यकर वसा, चीनी और नमक की मात्रा अधिक होती है, जबकि आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है। इनका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।













