भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर,09 अगस्त 2025/ रक्षाबंधन से ठीक पहले बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस ने भाई की तरह फर्ज निभाते हुए 19 गुमशुदा बच्चों को उनके घर पहुंचाकर न केवल परिवारों की खुशियाँ लौटा दीं, बल्कि राखी का त्योहार भी खास बना दिया। “ऑपरेशन मुस्कान 2025” के तहत चलाए गए इस अभियान में 13 बच्चियां और 6 बालक सुरक्षित वापस लौटे। ये मासूम न केवल छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से, बल्कि चेन्नई, महाराष्ट्र, तेलंगाना और दिल्ली जैसे दूरस्थ राज्यों से भी खोजे गए।
आंसू से मुस्कान तक का सफर:-
पुलिस की इस सफलता के पीछे एक महीने की अथक मेहनत और संवेदनशील प्रयास छिपा है। 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चले इस अभियान में गुमशुदगी के पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए, थानों की फाइलें खड़ी की गईं और सीमावर्ती गांवों से लेकर महानगरों की गलियों तक पुलिस ने खोजबीन की।

दिल को छू लेने वाली कहानियां:-
ग्राम पुरसवाडीह के किसान की बेटी हज़ारों किलोमीटर दूर तमिलनाडु में मिली। पिता ने भावुक होते हुए कहा
जब से वो बिना बताए गई, जिंदगी जैसे रुक गई थी पुलिस ने हमें सिर्फ उम्मीद नहीं दी, उसे सच कर दिखाया।
ग्राम खजुरियाडीह में रिश्तेदार के घर आई बालिका दिल्ली में सकुशल मिली। परिजनों का कहना –हर आहट पर लगता था कि वो लौट आई होगी ऑपरेशन मुस्कान ने हमारे सूने आंगन में फिर से हंसी लौटा दी।
पुलिस का संकल्प:-
पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल ने बताया कि यह अभियान विशेष रूप से गुमशुदा, बेसहारा और तस्करी के शिकार बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने के लिए चलाया गया। इस दौरान आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और खुफिया नेटवर्क का भरपूर इस्तेमाल किया गया। उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और जनता से अपील की कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहें।
त्योहार से पहले लौटी खुशियों की चांदनी:-
रक्षाबंधन पर अब इन बच्चों की कलाइयों पर भाई का प्यार और सुरक्षा का वादा बंधेगा। ऑपरेशन मुस्कान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि इंसानियत का फर्ज भी निभाती है।













