रिश्तों पर लगा दाग, मामी के घर से भांजी ने कराई 30 लाख की सनसनीखेज चोरी, पुलिस ने प्रेमी सहित किया गिरफ्तार
इटावा : बकेवर मे रिश्तों के भरोसे को तार-तार करने वाली 30 लाख की चोरी का बकेवर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। थाना पुलिस ने सोने-चाँदी के कीमती आभूषण चोरी करने वाले एक युवक और एक महिला को अहेरीपुर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। चोरी का पर्दाफाश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना प्रभारी विपिन कुमार मलिक और उनकी टीम ने किया मामला 21 नवंबर 2025 का है। ग्राम इन्द्रावखी निवासी कामिनी पत्नी पुष्पेन्द्र सिंह ने थाना बकेवर में तहरीर देकर बताया था कि उनके घर के लाँकर में रखे सोने-चाँदी के आभूषण रहस्यमय तरीके से चोरी हो गए। घर में न ताला टूटा मिला, न नकबबाजी, जिससे पुलिस भी उलझन में पड़ गई थी। थाना प्रभारी विपिन मलिक ने टीम संग घटनास्थल की सूक्ष्म जांच कर तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी जोड़कर पड़ताल शुरू की

शुक्रवार को अहेरीपुर चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि चोरी में शामिल युवक और महिला निवाड़ी कला के पास कहीं जाने की फिराक में हैं। सूचना पर तत्काल घेराबंदी करते हुए दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया सख्त पूछताछ में चौकाने वाला खुलासा हुआ कि चोरी किसी बाहरी चोर ने नहीं बल्कि घर की ही सगी भांजी ने कराई थी। वह अक्सर मामी के साथ दिल्ली से आती जाती थी और उसे यह पूरी जानकारी थी कि मामी लाँकर में कौन-कौन से गहने रखती हैं और उसकी चाबी कहां छुपाती हैं। भांजी का प्रेमी योगेश उर्फ गोलू निवासी नगला भदौरिया, थाना बकेवर, भी इस साजिश में शामिल था दोनों ने पिछले छह महीनों में योजना बनाकर धीरे-धीरे लाँकर से गहने निकालकर योगेश को सौंप दिए। पुलिस ने बरामद आभूषणों में सोने की चैन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमकी, बेंदी, पायल, करधनी समेत कई कीमती जेवर बरामद किए हैं। इनके पास ₹1700 नकद भी मिला, जो गहने बेचकर प्राप्त हुए थे।गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे में थाना प्रभारी विपिन कुमार मलिक, उ०नि० धीरेन्द्र कुमार, उ०नि० स्वदेश कुमार, हे०का० संजीवन लाल, का० अनुज कुमार, का० कपिल चौधरी, का० अतुल कुमार, महिला कांस्टेबल पूजा पवार व अंजली की अहम भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव और ए एसपी श्रीशचन्द्र ने प्रेस वार्ता में बताया कि चोरी किसी पेशेवर गैंग ने नहीं, बल्कि विश्वास का दुरुपयोग करने वाले परिचितों ने की थी। पुलिस टीम की सूझबूझ और सक्रियता से यह बड़ा खुलासा संभव हो सका।













