इटावा में नकली बाजरा बीज का बड़ा खेल बेनकाब, नामी कंपनी का लेबल लगाकर किसानों को ठगने की साजिश, दो आरोपी गिरफ्तार
इटावा। जनपद के सैफई थाना क्षेत्र में नकली बाजरा बीज के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस ने नामी बीज कंपनी के नाम पर नकली बाजरा बीज तैयार कर किसानों को बेचने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक कार से करीब 180 किलोग्राम संदिग्ध नकली बाजरा बीज भी बरामद किया है। मामले में धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित ट्यू बड्डी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के सहायक प्रबंधक प्रेम शर्मा को सूचना मिली थी कि सैफई थाना क्षेत्र के लाडमपुर भट्टा स्थित एक गोदाम में उनकी कंपनी के नाम से नकली क्रिस्टल बाजरा बीज तैयार कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने पर उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क किया।
शुक्रवार को पुलिस टीम के साथ सहायक प्रबंधक प्रेम शर्मा ने लाडमपुर भट्टा स्थित गोदाम पर छापेमारी की। यह गोदाम मैनपुरी जनपद के कुरा क्षेत्र के नगला धन निवासी अखिलेश कुमार यादव उर्फ गुड्डू का बताया गया। छापेमारी के दौरान गोदाम के बाहर आगरा नंबर की एक लाल रंग की कार खड़ी मिली।
मौके पर पुलिस ने कार मालिक आनंद प्रकाश तिवारी निवासी सदर बाजार, आगरा तथा गोदाम संचालक अखिलेश कुमार यादव को कार से बीज के पैकेट उतारते हुए पकड़ लिया। तलाशी के दौरान कार से 120 पैकेट नकली बाजरा बीज, जिनका कुल वजन लगभग 180 किलोग्राम था, बरामद किए गए।
जांच के दौरान कंपनी के सहायक प्रबंधक ने पैकेटों की बारीकी से जांच की। उन्होंने बताया कि सभी पैकेटों पर एक ही लेबल नंबर YPPL069T4 अंकित था, जबकि कंपनी के असली बीज पैकेटों पर प्रत्येक पैकेट का अलग-अलग यूनिक सुरक्षा कोड होता है। इसी तकनीकी जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि बरामद बीज नकली हैं और कंपनी के ब्रांड का दुरुपयोग कर किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी।
प्रेम शर्मा की लिखित तहरीर पर सैफई थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह राठी ने बताया कि मामले की जांच उपनिरीक्षक स्वदेश कुमार को सौंपी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली बीज बनाने और सप्लाई करने वाले इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा किन-किन जिलों में इसकी आपूर्ति की जा रही थी।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसानों को नामी कंपनी के ब्रांड का नकली बीज बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में थे। यदि यह बीज बाजार में पहुंच जाता तो किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फसल उत्पादन पर भी गंभीर असर पड़ सकता था।
पुलिस अब बरामद बीज के नमूनों की जांच कराने के साथ-साथ इस पूरे रैकेट की वित्तीय और आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












