5 वर्षों से जलभराव की मार झेल रहा वीरपुर, ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से लगाई गुहार
इटावा। विकासखंड महेवा की ग्राम पंचायत बीरपुर सलेमपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम वीरपुर के ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गांव में व्याप्त भीषण जलभराव की समस्या के समाधान की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आज तक जल निकासी के लिए कोई सरकारी तालाब या पोखर नहीं बनाया गया, जिसके कारण बरसात का पानी गलियों और घरों में भर जाता है। गांव के कई हिस्सों में 3 से 4 महीने तक घुटनों से लेकर कमर तक पानी भरा रहता है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, बुजुर्गों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है और मच्छरों के बढ़ने से डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले वर्षों में डेंगू से गांव के कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से ग्राम प्रधान से कई बार समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन हर बार बजट का हवाला देकर टाल दिया गया। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि 1076 पर शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ताओं को फोन पर धमकाया गया।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव का मुख्य संपर्क मार्ग, जो लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत आता है, तथा अन्य गलियां भी जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास से बंबा कूल गुजरती है। यदि कट पंप (हेवी ड्यूटी पंप सेट) की व्यवस्था कर दी जाए तो गांव का पानी आसानी से बंबा कूल में निकाला जा सकता है, जिससे जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान संभव है।
ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है कि गांव में तत्काल कट पंप की व्यवस्था कराई जाए, स्थलीय सर्वे कराकर समस्या का समाधान कराया जाए, ग्राम प्रधान की कार्यशैली एवं शिकायतकर्ताओं को कथित रूप से धमकाने के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, PWD सड़क एवं जलभराव वाली गलियों का निर्माण कराया जाए तथा शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस ज्ञापन पर नवेंद्र कुमार, चंद्रशेखर पाल, धर्मेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।









