महेवा (इटावा)। ब्लॉक महेवा के ग्राम अहेरीपुर स्थित प्राचीन रामताल मंदिर में पिछले काफी समय से लाइट की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जैसे ही शाम होती है मंदिर की बिजली कट जाती है और सुबह लौटती है। इस वजह से मंदिर परिसर रातभर अंधेरे में डूबा रहता है। श्रद्धालु इसे आस्था और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय मान रहे हैं।

बनखंडी दास बाबा और मनोज दास बाबा ने बताया कि शाम को बिजली जाने के बाद पूरा मंदिर परिसर अंधेरे में बदल जाता है। इस दौरान कीड़े-मकोड़े और सांप निकलने का डर बना रहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न होती है तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उनका कहना है कि यह मंदिर सिर्फ पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है, जहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने बताया कि अंधेरे में न केवल श्रद्धालुओं की जान को खतरा है बल्कि रातभर मंदिर की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि मंदिर परिसर में लाइट की समस्या को तत्काल दूर किया जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर अंधेरा रहना न केवल असुविधाजनक है बल्कि यह हमारी परंपराओं और संस्कृति का अपमान
भी है।












