जब गांव लौटा देश का लाल, जनसैलाब बन गया स्वागत

चकरपुर निवासी हर्षवर्धन कुशवाहा के लेफ्टिनेंट बनने के बाद पहली बार गांव पहुंचते ही अहेरीपुर से लेकर चकरपुर तक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसे देख हर कोई भावुक हो उठा। जगह-जगह फूलों और मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। लोगों की भीड़ इस कदर उमड़ी मानो पूरा इलाका देशभक्ति के जज़्बे में डूब गया हो।
अहेरीपुर चौराहे पर युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने एक-दूसरे से आगे बढ़कर हर्षवर्धन कुशवाहा को फूलमालाएं पहनाईं और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा। यह सिर्फ एक स्वागत नहीं था, बल्कि गांव के उस सपने का उत्सव था, जो आज हकीकत बन चुका है।
लेफ्टिनेंट बनने पर पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर है। हर चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। लोगों ने हर्षवर्धन कुशवाहा के पिता श्री सुनील कुशवाहा जी को नमन करते हुए कहा कि ऐसे संस्कार और ऐसी परवरिश ही देश को सच्चे सपूत देती है।
इस गौरवपूर्ण मौके पर क्षेत्र के सुनीत तिवारी, शिवम तिवारी, लोकेंद्र त्रिपाठी, सुधांशु राजावत, प्रकाश शिन्ह, तिवारी जी मार्केट सहित अनेक गणमान्य लोगों ने हर्षवर्धन कुशवाहा की उपलब्धि की सराहना की और इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बताया।
गांव-कस्बे की गलियों में आज सिर्फ स्वागत नहीं था, बल्कि हर युवा की आंखों में एक सपना और हर दिल में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा साफ दिखाई दे रहा था।












