भारत tv24×7 न्यूज चैनल रिपोर्टर – सैफ अली
बलरामपुर/वाड्रफनगर, 21 अगस्त 2025- मनरेगा कर्मचारियों के हक़ की रकम हड़पकर करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ चौकी वाड्रफनगर पुलिस ने कर दिया है। मामले में जनपद पंचायत वाड्रफनगर के तत्कालीन लेखापाल, डाटा एंट्री ऑपरेटर और उसकी पत्नी को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
OTP से खेला लाखों का खेल :-
जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सीईओ मोहम्मद निजामुद्दीन की लिखित शिकायत पर खुलासा हुआ कि जून 2023 से जून 2025 तक मनरेगा कर्मचारियों के EPF खाते से ₹11,26,254 की रकम गबन की गई।
आरोपी लेखापाल वीरेंद्र कुमार यादव के मोबाइल पर आने वाला ओटीपी, डाटा एंट्री ऑपरेटर भगवान सिंह की मदद से उसकी पत्नी अंजू सिंह के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस की तगड़ी कार्रवाई :-
पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए रामानुजगंज और यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा से वीरेंद्र और भगवान सिंह को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर दिया। पुलिस ने ओटीपी वाला मोबाइल, पासबुक और घटना से जुड़े दस्तावेज जप्त किए। दोनों को 29 जुलाई को ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था।
ATM से उड़ाए गए कर्मचारियों के पैसे :-
आगे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ – गबन की गई राशि का आहरण खुद भगवान सिंह की पत्नी अंजू सिंह अपने एटीएम से करती थी। महिला आरोपी को 20 अगस्त को गिरफ्तार कर माननीय जेएमएफसी न्यायालय वाड्रफनगर में पेश किया गया, जहां से उसे केंद्रीय जेल अंबिकापुर महिला कारागार भेजा गया है।
इनकी रही मुख्य भूमिका :-
पूरे ऑपरेशन में चौकी प्रभारी वाड्रफनगर उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, एएसआई पुष्पराज सिंह, एएसआई कल्पना निकुंज और महिला आरक्षक प्रमिला आयाम की अहम भूमिका रही।













