
इटावा। महेवा विकास खण्ड की ग्राम पंचायत टड़वा स्माईलपुर को जिले में सर्वांगीण विकास की श्रेणी में चतुर्थ स्थान प्राप्त है। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में इस पंचायत को विकास हेतु 40 से 50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इतना ही नहीं, बेहतर कार्य के लिए मुख्यमंत्री द्वारा पंचायत को 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा चुकी है।
लेकिन हकीकत इन दावों से बिल्कुल उलट है। पंचायत क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय टड़वा स्माईलपुर का प्रांगण जरा सी बरसात में तालाब का रूप ले लेता है। स्कूल आने वाले छोटे-छोटे बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराने लगता है।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की धनराशि खर्च होने और पुरस्कार हासिल करने के बावजूद विद्यालय की यह दुर्दशा अधिकारियों और पंचायत व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि शायद यही है वह विकास, जिसके लिए पंचायत को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देते हैं और बच्चों को जलभराव से मुक्ति दिलाने की ठोस व्यवस्था करते हैं।













