पीलीभीत। जिले के बिलसंडा क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब एक दुकान के ऊपर बने मकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और घर में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटों और उठते धुएं को देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के कारण कोई भी मकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
जानकारी के अनुसार, बिलसंडा क्षेत्र में स्थित शेखर शू स्टोर के ऊपर परिवार का आवास बना हुआ है। बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर से रिसाव होने लगा और कुछ ही क्षणों में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
खाना बनाते समय हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रसोई में काम चल रहा था तभी गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण आग लग गई। शुरुआत में परिजनों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में आग ने रसोई के साथ-साथ घर के अन्य कमरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
परिवार के सदस्यों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
आग की लपटों के आगे बेबस दिखे लोग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। आग की तेज लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास की अन्य दुकानों और मकानों तक भी पहुंच सकती थी, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ सकता था।
घर का सामान जलकर हुआ राख
भीषण आग के कारण घर में रखा फर्नीचर, कपड़े, घरेलू उपकरण, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है।
घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो गया।
क्षेत्र में मचा हड़कंप
आग की सूचना मिलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए और राहत कार्य में सहयोग करने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर से जुड़ी घटनाओं में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से गैस उपकरणों के उपयोग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
जनहानि की सूचना नहीं
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जांच में जुटा प्रशासन
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण गैस सिलेंडर का रिसाव माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का मानना है कि रसोई गैस का उपयोग करते समय समय-समय पर पाइप और रेगुलेटर की जांच करानी चाहिए। यदि गैस की गंध महसूस हो तो तुरंत रेगुलेटर बंद कर देना चाहिए और किसी भी प्रकार की चिंगारी या बिजली के स्विच का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
पीलीभीत के बिलसंडा क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। समय पर सावधानी बरतकर ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।













