महेवा क्षेत्र के ग्राम इंद्रापुर से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। यहां मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले दो परिवारों के बच्चों ने सरकारी नौकरी हासिल कर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है।

गांव के रजपाल सिंह के बड़े बेटे अभिषेक का चयन आयकर विभाग में हुआ है। उसकी नियुक्ति केरल के कोच्चि शहर में हुई है। रजपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाने के लिए मजदूरी की, और जब पैसे कम पड़े, तो गहने व प्लॉट तक बेच दिए। बेटे की नौकरी की खबर ने उनके संघर्ष को सार्थक कर दिया। परिवार में खुशी का माहौल है और अभिषेक के चेहरे पर माता-पिता के सपनों को साकार करने का गर्व झलक रहा है।

दूसरी ओर, गांव की वर्षा ने महिला एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की पर्वेक्षक अधिकारी पद की परीक्षा पास कर ली है। वर्षा की मां जफरन वेगम ने नम आंखों से बताया कि उनके पति का वर्षों पहले देहांत हो गया था। उन्होंने खेतों में मजदूरी और बकरियां पालकर अपनी बेटी को पढ़ाया। उन्होंने बताया कि गरीबी में उन्हें परिवार का सहयोग नहीं मिला, लेकिन अब बेटी की सफलता ने हर पीड़ा को भुला दिया है। अब वह अपनी छोटी बेटी को भी आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं।
गांव की प्रधान प्रभा मिश्रा एवं उनके पति धर्मेंद्र मिश्रा ने दोनों परिवारों को माला पहनाकर, अंगवस्त्र भेंट कर मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद गांव के बच्चों ने सरकारी नौकरी पाकर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। इससे अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी। यह तमाम परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अभावों के बीच भी सपनों को पालते हैं और उन्हें हकीकत में बदलने की हिम्मत रखते हैं।













