
उरेग, महेवा। शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरेग में मंगलवार को टीबी रोगी खोज कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में टीबी के संभावित मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. बिनोद कुमार झा के निर्देशन में आयोजित कैंप में दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, बुखार, वजन में कमी और कमजोरी जैसे लक्षणों से पीड़ित लोगों की जांच की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देने के साथ ही समय पर जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित किया।

सीएचओ बृजभान सिंह ने बताया कि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित दवा सेवन से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराने की अपील की।

कैंप में शिवकुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और आशा कार्यकर्ताओं उर्मिला देवी, उमा देवी, सुमन व अन्य ने सक्रिय सहभागिता निभाई। स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को टीबी से बचाव, पौष्टिक आहार, स्वच्छता और नियमित दवा सेवन के महत्व की जानकारी भी दी।
कैंप के दौरान कुल 21 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से ऐसे जागरूकता एवं जांच शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि रोग की समय रहते पहचान कर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।










