अवैध क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, दो पर कार्रवाई के संकेत

अहेरीपुर/महेवा। संवाददाता
महेवा स्वास्थ्य विभाग अब क्षेत्र में संचालित झोलाछाप क्लीनिकों पर सख्त निगरानी की तैयारी में है। शनिवार को नोडल अधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव ने अहेरीपुर और महेवा कस्बे में कई क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान क्लीनिकों पर पंजीकरण संबंधी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
अहेरीपुर में ए.के. विश्वास के बंगाली क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान वहां मौजूद मरीजों से उनकी बीमारी और उपचार के बारे में जानकारी ली गई। ग्राम वीरपुर के एक बुजुर्ग ने बताया कि वह बुखार की दवा लेने आए थे। जांच में पाया गया कि क्लीनिक के पास वैध पंजीकरण नहीं है। उपलब्ध पंजीकरण आयुर्वेदिक का बताया गया, जबकि संबंधित डॉक्टर का कोई रिकॉर्ड या मौजूदगी नहीं मिली। विभाग ने यह भी बताया कि कुछ माह पूर्व इस क्लीनिक को सील किया गया था, फिर भी इसे दोबारा अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है।

इसी दौरान कस्बा महेवा स्थित श्रीराम क्लीनिक, संचालक सुरेश शर्मा, की भी जांच की गई। कुछ दिन पहले इसी क्लीनिक में इंजेक्शन लगने के बाद एक महिला की मौत का मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि यहां भी पंजीकरण आयुर्वेद का है, लेकिन उपचार अंग्रेजी दवाओं से किया जा रहा था, साथ ही पंजीकरणधारी डॉक्टर मौके से नदारद मिले।
नोडल अधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए आगे की कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
फोटो: क्लीनिक पर मरीज से जानकारी लेते नोडल अधिकारी डॉ. सत्येंद्र यादव (कैप्शन)













