
लखनऊ, 15 मई 2025
योगी सरकार की कुशल रणनीति का परिणाम है कि डेंगू से होने वाली मौतों में काफी गिरावट दर्ज हुयी है | जहाँ साल 2008 में डेंगू से होने वाली मृत्यु दर 3.9 फीसद थी वहीं साल 2024 में घटकर यह मात्र .06 फीसद रह गयी है |
डॉ. विकास सिंघल, संयुक्त निदेशक,मलेरिया बताते हैं कि डेंगू रोग के उपचार और प्रबन्धन के लिए भी सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है | डेंगू और चिकनगुनिया के लिए एलाइजा जाँच तीन एपेक्स प्रयोगशालाओं सहित सभी 75 जनपदों में 86 एस0एस0एच0 प्रयोगशालों में की जाती है | इसके अलावा रक्त से प्लेटलेट्स निकालने वाली 54 इकाइयाँ क्रियाशील हैं |
प्रदेश के सभी मंडलीय , जिले और विकासखंड स्तर के अस्पतालों में सभी उपचार सुविधाएं और मच्छरदानी युक्त डेंगू वार्ड स्थापित किये गए हैं | डेंगू और चिकनगुनिया रोग की एलाइजा जाँच के लिए एन0एस0 1 और आई0जी0एम0 एलाइजा किट उपलब्ध है |
डेंगू की कोई वैक्सीन नहीं है ऐसे में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियों में समुदाय की भूमिका अहम है |
यह भी जाने –
डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के उपाय के क्रम में साल में तीन बार विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है – अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर माह में | जिसके तहत लोगों को वेक्टर जनित बीमारियाँ डेंगू, चिकनगुनिया आदि से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ सम्पादित की जाती हैं | स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्त्रोत का पता लगाया जाता है और उन्हें नष्ट किया जाता है |
मनाया जाता है राष्ट्रीय डेंगू दिवस –
डेंगू का प्रसार हर साल जुलाई से नवम्बर के महीनों के मध्य मानसून और मानसून के बाद की अवधि में एक बड़ी सार्वजनिक समस्या है | यह एडीज मच्छर द्वारा फैलता है और यह दिन के वक्त काटता है | हर साल लोगों को इस बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है | इस साल इस दिवस की थीम है – “ देखें, साफ करें, ढकें डेंगू को हराने के उपाय करें|”
डेंगू की कोई व वैक्सीन नहीं है ऐसे में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सोर्स रिडक्शन गतिविधियों में समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ध्यान दें – बुखार होने पर बगैर समय बर्बाद किए तुरंत इलाज के लिए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं | इस बात का हमेशा ध्यान रखें बुखार में देरी- पड़ेगी भारी |
केवल कम प्लेटलेट काउंट ही प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन का संकेत नहीं है, केवल एक योग्य चिकित्सक से परामर्श के बाद ही इसकी आवश्यकता होती है वो भी दुर्लभ मामलों में ।
डेंगू से बचाव के लिए उपाए –
समुदाय को दस्तक अभियान के दौरान आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बताए गए उपायों का पालन करना चाहिए।
• पूरी बांह के कपड़े पहने |
• सोते समय मच्छर दानी या मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें |
• घर की खिड़की दरवाजों पर जाली लगवाएं |
• घरों और ऑफिस में हर रविवार मच्छरों पर वार के तहत कूलर और जलजमाव वाले स्थानों की सफाई करें |यदि कहीं पानी इकट्ठा है तो उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल डाल दें |
• डेंगू की पुष्टि होने पर घबराने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अधिकांश मामलों में इस बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है |












