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।रायबरेली, 15 मई 2025
राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान तथा संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च(सीफॉर) के सहयोग से बृहस्पतिवार को डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र(सीएचसी) पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), आशा संगिनियों और एनएनएम को रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता उपचार (एमएमडीपी) विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ |
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव ने बताया कि फ़ाइलेरिया जिसे आम बोलचाल में हाथी पाँव कहते हैं जो कभी ठीक न होने वाली बीमारी है तथा यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है | इस बीमारी से बचने का एक मात्र उपाय है मच्छर के काटने से बचाना और साल में एक बार फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना |यह बीमारी एक बार हो जाने पर ठीक नहीं होती है। सिर्फ उसका प्रबन्धन ही किया जा सकता है |स्वास्थ्य कर्मियों को व्यायाम करने के तरीके बताएं जिससे कि फ़ाइलेरिया मरीज उसका नियमित अभ्यास करें | इसके साथ ही उन्हें जानकारी दें कि फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की नियमित साफ सफाई करें | इन सबको करने से सूजन नियंत्रित रहती है और किसी भी तरह का संक्रमण नहीं होने पाता है |
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि समुदाय को मच्छरों से बचाव की भी जानकारी दें कि घर व उसके आसपास पानी न जमा होने दें | साफ सफाई रखें |
पाथ के प्रतिनिधि ने फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों का व्यायाम और देखभाल को प्रदर्शन करने दिखाया |
इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन चंद्रा, एआरओ सुमित कुमार मौर्या, बेसिक हेल्थ वर्कर अभिषेक यादव, 18 सीएचओ 20 एएनएम, आठ आशा संगिनी, मलेरिया निरीक्षक सुमित और सीफॉर के प्रतिनिधि मौजूद रहे |











